Women property rights 2024 दादा की संपत्ति पर क्या पोते का होता है अधिकार? जानिए क्या कहता है कानून
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Women property rights संपत्ति पर अधिकार और दावे को लेकर कानूनी समझ और नियमों की जानकारी अक्सर लोगों को नहीं होती है. यह बेहद जरूरी है कि संपत्ति से जुड़े नियमों और अधिकारों के संबंध में सही जानकारी हो.

इससे जुडे़ तमाम पक्षों के अपने-अपने कानूनी दावे होते हैं. ऐसा ही एक पक्ष है दादा की संपत्ति पर पोते के अधिकार संबंधी. अपने इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि दादा की संपत्ति पर पोते के क्या अधिकार हैं और वह किस संपत्ति पर कानूनन दावा कर सकता है-

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स्वयं अर्जित संपत्ति पर कानूनी अधिकार नहीं

दादाजी की खुद से अर्जित की गई संपत्ति पर पोते का कानूनी अधिकार नहीं होता. दादा अपनी खुद से अर्जित की गई संपत्ति को जिस भी व्यक्ति को चाहे दे सकता है. Women property rights

अगर बिना वसीयत बनवाए ही दादाजी का देहांत हो जाता है तो उनकी संपत्ति उनके तत्काल या कहें कि प्रथम वरीयता वाले कानूनी वारिसों जैसे पत्नी, पुत्र और बेटी को उस संपत्ति पर कानूनन अधिकार मिल जाएगा. अगर पोते के पिता जीवित हैं तो वह दादा की संपत्ति में किसी भी तरह से हिस्से का दावा नहीं कर सकता.

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पैतृक संपत्ति पर अधिकार

पैतृक संपत्ति पर पोते का कानूनी हक होता है. इसको लेकर किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में वह दीवानी न्यायालय में जा सकता है. वह इस संपत्ति का ठीक वैसे ही हकदार होता है जैसे पिता या दादा का अपने पूर्वजों से मिली पैतृक संपत्ति के हकदार होते हैं. Women property rights

पैतृक संपत्ति के बारे में

वह संपत्ति जो अपने पूर्वजों से विरासत में मिलती है उसे पैतृक संपत्ति कहते हैं. जैसे परदादा से दादा को,दादा से पिता को और फिर पिता से पोते को. इस संपत्ति को लेकर नियम स्वयं अर्जित संपत्ति से अलग होते हैं.

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वकील की मदद लेना बेहतर होगा

पोते का पैतृक संपत्ति पर अगर कानूनन दावा सही है तो उसे संपत्ति प्राप्त करने के लिए एक पेशेवर वकील की मदद लेना बेहतर होगा. Women property rights इससे जहां जमीन या संपत्ति विवाद से जुड़ी उलझनों में फंसने से बचेंगे वहीं न्यायिक प्रक्रिया की पेचीदगियों से भी बच सकेंगे.

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