Pashupalan loan राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना 2024 गाय और भैस पालने वाले किसानों को मिलेंगे प्रति माह 2400
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Pashupalan ke liye loan देश के किसानों की आय को बढ़ानें के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है | दरअसल सरकार इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुचाना चाहती है, ताकि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके | हम सभी अच्छी तरह से जानते है, कि किसानों के पास कृषि के आलावा पशुपालन ही उनकी आय का दूसरा सबसे बड़ा माध्यम है |

ऐसे में सरकार द्वारा पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत की है | इस स्कीम के अंतर्गत किसानों और पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार करनें के साथ ही वैज्ञानिक रूप से वृद्धि करने के विषय में बताया जायेगा | Pashupalan ke liye loan राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना (Rashtriya Gokul Mission Yojana) क्या है, पात्रता, उद्देश्य के बारें में आपको यहाँ पूरी जानकारी दी जा रही है |

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना 2024 क्या है (Rashtriya Gokul Mission Scheme)

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2014 में 2025 करोड़ रुपये के बजट के साथ की गयी थी | सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करनें के मुख्य उद्देश्य स्वदेशी नस्ल के गौवंश तथा दुधारू पशुओं को बढ़ावा देना तथा इन पशुओं में होने वाली विभिन्न प्रकार की प्राण घातक बीमारियों से बचाना है | इसके साथ ही हमारे देश में बहुत से ऐसे किसान है, जो विदेशी नस्ल के दुधारू पशुओं का पालन करते है, परन्तु जलवायु परिवर्तन से सामंजस्य न बैठ पानें के कारण उनकी मृत्यु हो जाती है Pashupalan ke liye loan|   

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ऐसे में सरकार राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विदशी नस्लों के पशुओं के संरक्षण तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ानें पर कार्य कर रही है| इस स्कीम में राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम (NPBBDD) भी शामिल है| इसके अंतर्गत स्वदेशी गायों और दुधारू पशुओं के संरक्षण और नस्लों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से प्रोत्साहित किया जा रहा है| Pashupalan ke liye loan

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का उद्देश्य (Rashtriya Gokul Mission Scheme Objective) Pashupalan ke liye loan

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गयी राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का मुख्य उद्देश्य स्वदेशी गौवंशीय पशुओं की नस्लों में सुधार करना, उनके संरक्षण तथा दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के साथ ही उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना है | सरकार इस योजना के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को वह सभी सुविधाएँ प्रदान करना चाहती है, जिससे वह आसानी से पशुपालन कर सके और इसका लाभ प्राप्त कर आय बढ़ाने के साथ ही अपनें जीवन स्तर को ऊपर उठा सके | इसके अलावा अन्य उद्देश्य इस प्रकार है-

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करे

  • स्वदेशी दुधारू पशुओं के नस्लों का विकास और संरक्षण करना |
  • स्वदेशी दुधारू पशुओं की आनुवंशिक संरचना में सुधार करनें के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम का आयोजन करना ताकि दुधारू पशुओं की संख्या में वृद्धि की जा सके |
  • इस योजना के माध्यम से लाल सिंधी, गिर, थारपरकर और साहीवाल आदि जैसी उच्चकोटि की स्वदेशी नस्लों का उपयोग करके अन्य नस्लों की गायों का विकास करना |Pashupalan ke liye loan
  • कृषकों के दुधारू पशुओं के गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination – AI) की सुविधा उनके घर पर उपलब्ध कराना |
  • इस स्कीम के अंतर्गत उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों का वितरण किया जाएगा |

राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना पात्रता (Rashtriya Gokul Mission Scheme 2024 Eligibility)

यदि आप राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करना चाहते है, तो इसके लिए  पात्रता मानदंड इस प्रकार है-

  • इस योजना का लाभ प्राप्त करनें के लिए आवेदक को भारत का मूल निवासी होना आवश्यक है |
  • आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है|
  • इस स्कीम के अंतर्गत सिर्फ छोटे किसान और पशुपालक ही आवेदन कर सकते है|
  • सरकारी पेंशन पाने वाले पशुपालको या किसानो को इस योजना के लिए पात्र नही माना जायेगा |

योजना को सरकार द्वारा दी गयी वित्तीय सहायता (Financial Assistance Given By The Government)

केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत 2500 करोड़ रूपये के साथ की गई थी और वर्ष 2020 तक लगभग 1842.76 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा चुकी है| राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना को देश के सभी राज्यों में संचालित किया जा रहा है | मीडिया से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2014 से लेकर दिसम्बर 2020 तक 1842.76 करोड़ रूपये इस योजना के अंतर्गत खर्च किये जा चुके है |Pashupalan ke liye loan

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राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना का लाभ उठाणे के लीये यहा क्लिक करे

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत गोकुल ग्राम (Gokul Village under Rashtriya Gokul Mission)

Pashupalan ke liye loan राष्ट्रीय गोकुल मिशन स्कीम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रो में समन्वित पशु केन्द्र बनाये जायेंगे और इन पशु केन्द्रों को गोकुल ग्राम के नाम से जाना जायेगा | इस गोकुल ग्रामों में लगभग 1 हजार से अधिक पशुओं को रखनें की व्यवस्था की जाएगी|  इन पशुओं के पोषण से सम्बंधित आवश्यकताओं को पूरा करनें के लिए उनके भोजन अर्थात चारे की व्यवस्था गोकुल ग्राम में की जाएगी |

इसके साथ ही प्रत्येक गोकुल ग्राम में कम से कम 1 पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान सेंटर (Artificial Insemination Center) की व्यवस्था की जाएगी | गोकुल ग्राम में रहनें वाले पशुओं से दूध की प्राप्ति होगी और इनके गोबर से जैविक खाद का निर्माण किया जायेगा | इसके साथ ही गोकुल ग्राम में रोजगार का भी सृजन किया जायेगा |

योजना के अंतर्गत पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान

देश के किसानों को पशुपालन की ओर आकर्षित करनें के लिए योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाता है | Pashupalan ke liye loan किसानों और पशुपालको को सम्मानित करनें का कार्य पशुपालन विभाग और डेयरी विभाग द्वारा किया जाता है | विभाग द्वारा प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करनें वाले को गोपाल रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाता है, जबकि तीसरा स्थान प्राप्त करनें वाले को कामधेनु पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है |

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स्वदेशी नस्लों के गोजातीय पशुओं का बेहतर संरक्षण करने वाले पशुपालकों को गोपाल रत्न पुरस्कार दिया जाता है, जबकि कामधेनु पुरस्कार गोशालाओं और सर्वोत्तम प्रबंधित ब्रीडर्स सोसायटी (Breeders Society) को दिया जाता है | इस स्कीम के अंतर्गत अभी तक 22 गोपाल रत्न और 21 कामधेनु पुरस्कार प्रदान किये जा चुके है |             

इस प्रकार राष्ट्रीय गोकुल मिशन स्कीम के माध्यम से स्वदेशी नस्ल के गोवंशीय पशुओं को बेहतर संरक्षण मिलनें के साथ ही उनकी संख्या में भी आसानी से वृद्धि की जा सकेगी| इसके साथ ही क्लाइमेट चेंजिंग और ग्लोबल वार्मिेग से होनें वाले दुष्प्रभावों से दूधारू पशुओं को बचाया जा सकेगा |  Pashupalan ke liye loan

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