kisan karj mafi yojana
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kisan karj mafi yojana सहकारी के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का लोन माफ करने की तैयारी 3 लाख किसानों का 6 हजार करोड़ रुपए का एनपीए लोन माफ कराने की जुगत में सरकार.

kisan karj mafi yojana कर्जमाफी के लिए फॉर्मूला

सहकारी क्षेत्र के किसानों की कर्जमाफीकर चुके मुख्यमंत्री अशोक गहलोतने अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों कोसाझेदारी में कर्जमाफी का ऑफर दियाहै। दरअसल, ये बैंक 3 लाख से अधिककिसानों का 6018 करोड़ रु. से अधिकका लोन एनपीए घोषित कर चुके हैं। ऐसे में सरकार ने ऑफर दिया है किएनपीए हो चुके लोन का 10% सरकारचुकाएगी, जबकि 90% बैंक माफकरेंगे। सीएम ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैंकि उनकी सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहींहटेगी। खासकर 2023 के विधानसभाचुनाव की तैयारियों के लिए तो सरकारयह मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक केंद्र सरकार केअधीन आते हैं। ऐसे में बैंक उस ऑफरनहीं मानते हैं तो किसानों का एक बड़ामुद्दा गहलोत सरकार राजनीतिक फायदेके तौर पर भुना सकती है।

इससे पहले 14 हजार करोड़ का लोन माफ किया था

स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक में राज्यसरकार ने बताया था कि प्रदेश में कांग्रेस कीसरकार बनने के बाद ऋण माफी के आदेश जारीकर अब तक 14 हजार करोड़ का सहकारी बैंकोंका कर्ज माफ किया गया। इसमें पिछली भाजपासरकार का भी 6 हजार करोड़ का कर्ज सम्मिलितहै। kisan karj mafi yojana राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार 30नवंबर, 2018 को एनपीए घोषित राष्ट्रीयकृत बैंकोंके कृषक खातों के कर्ज माफ किए जाने शेष हैं।

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सीएम ने बैंक अफसरों से पूछा था- पंजाब और छत्तीसगढ़ मेंकर्जमाफी का मॉडल राजस्थान में लागू क्यों नहीं हो सकता

पिछले दिनों स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक में गहलोत ने ही बैंकों को यह10% और 90% का फॉर्मूला दिया था। यही नहीं बैठक में मौजूद सार्वजनिकक्षेत्र के बैंकों के क्षेत्रीय अधिकारियों से भी पूछा था कि राजस्थान के बैंक पंजाबऔर छत्तीसगढ़ से अलग तो नहीं है। वहां की कर्जमाफी का मॉडल यहां लागूक्यों नहीं हो सकता? उन्होंने यहां तक कहा कि यदि बैंक राजस्थान के किसानोंको कर्जमाफी करने के लिए तैयार होते हैं तो वे स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी कीसाल में होने वाली हर बैठक में जाने के लिए तैयार हैं।

सहकारी बैंकों के अलावा कमर्शियलबैंकों से भी 60 हजार करोड़ का कर्ज

प्रदेश कांग्रेस की सरकार बनने के तुरंत बाद सीएम ने पहली कैबिनेटकी बैठक में सहकारी बैंकों के ऋण किसानों की कर्जमाफी kisan karj mafi yojana का ऐलान किया था। इसके बाद सरकार ने 25 लाख किसानों का 14हजार करोड़ रु. का ऋण माफ किया। लेकिन राजस्थान स्टेट बैंकर्सकमेटी के 2018 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सहकारी बैंकों केअलावा 35 लाख किसानों ने कमर्शियल बैंकों से करीब 60 हजारकरोड़ रुपए का कर्ज ले रखा था। इसमें से सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र केबैंकों से ऋण लेने वाले किसानों का लगभग 6 हजार 18 करोड़ काऋण एनपीए की श्रेणी में है जिसे सरकार माफ करवाना चाहती है।

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कर्जमाफी के जरिए आगामी चुनाव पर फोकस

इस ऋण माफी का लाभ करीब 3 लाख किसान परिवारों कोमिलेगा। kisan karj mafi yojana लेकिन 10% हिस्सेदारी के हिसाब से भी राज्य सरकार कोइसके लिए करीब 600 करोड़ रुपए का आर्थिक भार वहन करनाहोगा। आने वाले 2 सालों में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होनेहैं। ऐसे में गहलोत सरकार इस बात की पूरी कोशिश करेंगी किदबाव से ही सही लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कर्जमाफी केलिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के लिए राजी कर लिया जाए।

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