Agriculture informatics
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Agriculture informatics इस नए जमाने में पुरानी और कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलें धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है. चूंकी उन फायदेमंद फसलों को लेकर सरकार भी श्रीअन्न को बढ़ावा दे रही है. तो वहीं मृदा व कृषि विभाग की टीम भी किसानों को लगातार जागरूक करने के उद्देश्य से नए -नए  शोध के माध्यम से जागरुक कर रही है.

Agriculture informatics आज हम बात करेंगे एक ऐसी खेती की जो किसानों के लिए काफी फायदेमंद है. कहा जाए तो इस फसल से किसान मालामाल बन सकते हैं. जी हां कंगनी की फसल एक ऐसी फसल है जो बंजर भूमि पर भी उग जाती है. बंजर भूमि कहे तो जिस भूमि पर कोई फसल नहीं हो सकता उस भूमि पर यह फसल उग जाती है. यह कंगनी जिसे टांगुन के नाम से भी जाना जाता है. बाजार में बड़े महंगे भाव पर बिकती है. कंगनी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होती है.

Agriculture informatics इसकी खेती से किसान बन जाएंगे मालामाल, बंजर जमीन पर होती है यह फसल, औषधीय गुणों से है भरपूर

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मृदा विभाग व कृषि रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिंह बताते हैं कि शोध के अंतर्गत एक छोटे अनाज पर बड़ी सफलता मिली है. इस छोटे अनाज कंगनी की खेती कर किसान मालामाल बन सकते हैं. क्योंकि इसमें न कोई खर्चा है न कोई मेहनत और मुनाफा ज्यादा है. यह अनाज अपने आप में कई औषधीय और आयुर्वेदिक गुणों से भी भरपूर है.

ये है इस छोटे अनाज का महत्व और कमाल

Agriculture informatics जहां एक तरफ सरकार मिलेट्स यानी श्रीअन्न को लेकर उत्सव मना रहा है. तो वहीं बलिया जिले में विशेषज्ञों की टीम की शोध से किसानों में नई उम्मीद की किरण जग गई है. छोटा अनाज कंगनी जो शरीर के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाती है और इसकी खेती करना भी बड़ा आसान है. जो जमीन किसी काम की नहीं है उस जमीन पर भी यह कंगनी उगाया जा सकता है. यह बाजार में बड़ा महंगा मिलता है. केवल इसको बोना, थोड़ा सा देखरेख करना और काटना है. नहीं सिंचाई की परेशानी नहीं खाद और उर्वरक की समस्या है. खास बात तो यह है कि इसमें कोई बीमारी भी नहीं लगती है. इसका प्रयोग महीन चावल के जैसे किया जाता है.

ऐसे करें इस औषधीय गुणों से भरपूर अनाज की खेती

प्रो. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि हम लोग मिट्टी, प्रदूषण, कृषि और जल में 18 वर्षों से शोध कर रहे हैं. जो अब किसानों के हित में धीरे-धीरे सफल हो रहा है. हम लोगों का उद्देश्य है कि बच्चों के पढ़ाई के साथ-साथ किसानों का मदद किया जाए. कंगनी की खेती करना बड़ा ही आसान है यह खेती 200 से 400 मिली मीटर के अनुपात में वार्षिक वर्षा के समय भी की जा सकती है. जिस समय अन्य फसलों को उगाना असंभव होता है. Agriculture informatics

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यह फसल काफी कम समय में तैयार हो जाती है. जिस प्रकार से धान से चावल बनाया जाता है उसी प्रकार से कंगनी से चावल बनाया जाता है. Agriculture informatics चुकी यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है. 600 ग्राम बीज एक बीघे के लिए पर्याप्त होता है. लगभग डेढ़ से ₹2000 में 4 से 5 क्विंटल कंगनी उत्पन्न की जा सकती है.

इस फसल से किसान बन सकते हैं मालामाल

इस कंगनी की खेती से किसान मालामाल बन सकते हैं. डेढ़ से ₹2000 की लागत में चार से पांच क्विंटल कंगनी उगाई जा सकती है. बाजार में यह बड़ा ही मुश्किल से और बहुत महंगा बिकता हैं. यह कहने में जरा भी संकोच नहीं होगा की कम लागत में इस औषधीय गुणों से भरपूर कंपनी की खेती कर किसान मालामाल बन सकते हैं. यह खेती किसानों के लिए काफी लाभदायक और आसान है.Agriculture informatics

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